Crypto assets के लिए ढांचे की सिफारिश

एफएसबी ने क्रिप्टो संपत्तियों की गतिविधियों और बाजारों के विनियमन, पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए अपनी रिपोर्ट में 9 सिफारिशें की हैं।

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Crypto resources के लिए ढांचे की सिफारिश

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वित्तीय स्थिरता बोर्ड (FSB) ने क्रिप्टो संपत्तियों (Crypto resources) के नियमन पर अपनी रिपोर्ट में डेटा संग्रह और रिपोर्टिंग, सीमा पार सहयोग, प्रशासन के ढांचे और अधिकारियों को नियामकीय शक्तियां देने जैसे कदम उठाने की सिफारिश की है।

एफएसबी ने क्रिप्टो संपत्तियों की गतिविधियों और बाजारों के विनियमन, पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए अपनी रिपोर्ट में 9 सिफारिशें की हैं। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट के साथ इस विषय पर तैयार किए जा रहे सिंथेसिस पेपर में शामिल होगी। सितंबर में होने वाले जी-20 के नेताओं के शिखर सम्मेलन में इसे भारत के अध्यक्षता नोट के साथ साझा किया जाएगा।

वित्तीय स्थिरता बोर्ड ने सोमवार को कहा कि प्राधिकारियों को क्रिप्टो परिसंपत्ति की गतिविधियों और बाजारों को विनियमित करने, पर्यवेक्षण करने और संबंधित कानूनों व नियमों को प्रभावी तरीके से लाने के लिए उचित शक्तियों व संसाधनों का उपयोग करने की जरूरत है।

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इस तरह की इकाइयों, क्रिप्टो संपत्ति जारीकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं को भी अपने सभी कामकाज और गतिविधियों को लेकर स्पष्टता के साथ व दायित्व एवं जवाबदेही के हिसाब से समग्र प्रशासनिक ढांचे का खुलासा करना चाहिए। इनका एक प्रभावी जोखिम प्रबंधन ढांचा भी होना चाहिए, जिससे उनकी गतिविधियों से जुड़े सभी संभावित जोखिमों का समग्र समाधान किया जा सके।

एफएसबी की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि क्रिप्टो संपत्तियां जारी करने वालों और सेवा प्रदाताओं को भी कामकाज के आधार पर नियमित किया जाना चाहिए और यह उनके द्वारा पैदा किए गए या संभावित वित्तीय स्थिरता जोखिम के अनुरूप होना चाहिए। यह ‘समान गतिविधि, समान जोखिम और समान नियमन’ के सिद्धांत के अनुरूप होना चाहिए

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘प्रशासन का ढांचा उनके जोखिम, आकार, जटिलता और व्यवस्थागत महत्त्व के अनुपात में होना चाहिए। यह इसमें हिस्सा लेने वाले क्रिप्टो संपत्ति जारीकर्ता व सेवा प्रदाताओं की गतिविधियों या बाजार के कारण वित्तीय स्थिरता के जोखिम के अनुरूप होना चाहिए।’

एफएसबी ने कहा है कि प्राधिकारियों को परंपरागत वित्त के अनुरूप विनियामक परिणाम प्राप्त करने के लिए आवश्यक सीमा तक काम करना चाहिए। रिपोर्ट में विनियामक और पर्यवेक्षण संबंधी परिणामों की स्थिरता को प्रोत्साहित करने के लिए कुशल व प्रभावी संचार व्यवस्था, सूचनाएं साझा करने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी आह्वान किया गया है।

क्रिप्टो करेंसी जारी करने वालों को संग्रह, भंडारण, सुरक्षा ढांचे व समयबद्ध व सही रिपोर्टिंग

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के आंकड़े प्रस्तुत करने के लिए त्वरित ढांचे की जरूरत है, और आवश्यक होने पर प्राधिकारियों की पहुंच उन आंकड़ों तक होनी चाहिए। क्रिप्टो संपत्ति जारी करने वालों और सेवा प्रदाताओं को उपभोक्ताओं और संबंधित हिस्सेदारों का समग्र खुलासा करने, प्रशासनिक ढांचे को लेकर स्पष्ट व पारदर्शी सूचना प्रदान करने, परिचालन, जोखिम प्रोफाइल और वित्तीय स्थिति के साथ ही उनके द्वारा मुहैया कराए जा रहे उत्पाद व उनके द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों का खुलासा करने की जरूरत है।

एफएसबी ने रिपोर्ट में जोर दिया है कि क्रिप्टो संपत्ति के इकोसिस्टम के साथ ही व्यापक वित्तीय प्रणाली के भीतर प्रासंगिक जुड़ाव की पहचान करने और निगरानी करने की जरूरत है। इसमें कहा गया है कि प्राधिकारियों को वित्तीय स्थिरता के जोखिम का समाधान करने की जरूरत है, जो इन जुड़ावों और एक दूसरे पर निर्भरता से होने की संभावना है।’

क्रिप्टो का मतलब क्या होता है?


क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल मुद्रा है, जो एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम का उपयोग करके बनाया गया भुगतान का एक वैकल्पिक रूप है। एन्क्रिप्शन तकनीकों के उपयोग का मतलब है कि क्रिप्टोकरेंसी एक मुद्रा और एक आभासी लेखा प्रणाली दोनों के रूप में कार्य करती है।

क्या भारत में क्रिप्टो लीगल है?


भारत में क्रिप्टोकरेंसी वैध है या नहीं? भारत में भुगतान माध्यम के रूप में क्रिप्टोकरेंसी को किसी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा विनियमित नहीं किया जाता है । क्रिप्टोकरेंसी से निपटने के दौरान विवादों को निपटाने के लिए कोई नियम-कायदे या कोई दिशानिर्देश निर्धारित नहीं हैं। इसलिए, क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग निवेशकों के जोखिम पर की जाती है

क्रिप्टो कहां प्रतिबंधित है?


वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने के लिए इसके उपयोग के बावजूद, अभी भी बिटकॉइन को विनियमित करने वाले कोई समान अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं हैं। कई विकसित देश बिटकॉइन के उपयोग की अनुमति देते हैं, जैसे कि अमेरिका, कनाडा और यूके, चीन और सऊदी अरब सहित कई देशों ने बिटकॉइन का उपयोग करना अवैध बना दिया है।

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